बदलेगी कुंडली, बनेगा विवाह योग
मैं आपको एक ऐसा अद्भुत और सिद्ध प्रयोग बताने जा रहा हूँ जो शीघ्र विवाह के लिए अत्यंत प्रभावी है। यह प्रयोग मात्र 21 दिनों में विवाह के योग बना सकता है। इसे कई साधकों ने किया है और चमत्कारिक परिणाम मिले हैं।
क्या है यह प्रयोग?
यह प्रयोग 21 हल्दी की गांठों पर आधारित है। हल्दी को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। माँ पार्वती को पीला रंग अतिप्रिय है। इस प्रयोग में रोज एक हल्दी की गांठ माँ पार्वती को अर्पित की जाती है और 21 दिनों तक विशेष मंत्र का जाप किया जाता है।
शक्तिशाली मंत्र:
पत्नी मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम् ।
तारिणीं दुर्गसंसार सागरस्य कुलोध्वाम् ॥
हे माँ! मुझे मनोहर पत्नी (या पति) प्रदान करो, जो मेरे मन के अनुसार चलने वाली हो, जो इस दुर्गम संसार सागर से पार लगाने वाली हो और कुल को ऊंचा उठाने वाली हो।
पूरी साधना विधि (21 दिन):
21 हल्दी की गांठें (साबुत, बिना पिसी)
पीले फूल (गेंदा या पीले गुलाब)
पीले बेसन के लड्डू (या पीली मिठाई)
पीली चुनरी (एक बार अर्पित करनी है)
पीला आसन
पीले वस्त्र
विधि - चरणबद्ध:
चरण 1: संकल्प (पहले दिन)
सुबह स्नान करके पीले वस्त्र पहनें। पीले आसन पर बैठें। हाथ में जल लेकर संकल्प करें:
"मैं (अपना नाम, गोत्र) शीघ्र विवाह की कामना से 21 दिनों तक यह साधना करूंगा/करूंगी। हे माँ पार्वती! मेरी साधना स्वीकार करें और मुझे योग्य वर/वधू प्रदान करें।"
जल को जमीन पर छोड़ दें।
चरण 2: शिव मंदिर में जाएँ
यह प्रयोग शिव मंदिर में करना सबसे उत्तम है। अगर मंदिर न जा सकें तो घर पर ही शिव-पार्वती की तस्वीर के सामने कर सकते हैं।
चरण 3: 2 माला मंत्र जाप
शिवलिंग या माँ पार्वती की मूर्ति के सामने बैठकर 2 माला (216 बार) इस मंत्र का जाप करें:
"पत्नी मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम् । तारिणीं दुर्गसंसार सागरस्य कुलोध्वाम् ॥"
माला घुमाते समय ध्यान रखें - एक माला 108 मंत्र की होती है। दो माला यानी 216 बार।
चरण 4: हल्दी गांठ अर्पित करें
जाप पूरा होने के बाद, एक हल्दी की गांठ माँ पार्वती को अर्पित करें। हल्दी की गांठ को पीले फूल के साथ चढ़ाएँ।
चरण 5: भोग लगाएँ
पीले बेसन के लड्डू या पीली मिठाई का भोग लगाएँ। अगर संभव हो तो पीले फूल भी चढ़ाएँ।
चरण 6: प्रार्थना
हाथ जोड़कर प्रार्थना करें:
"हे माँ पार्वती! हे भोलेनाथ! मेरी यह साधना स्वीकार करो। मुझे शीघ्र ही योग्य वर/वधू प्रदान करो। मेरे विवाह में आ रही सभी बाधाओं को दूर करो।"
पहले दिन विशेष:
पहले दिन पीली चुनरी जरूर अर्पित करें। यह एक बार ही करना है। पीली चुनरी माँ पार्वती को चढ़ाएँ और प्रार्थना करें कि वे आपको सुहाग की रक्षा का आशीर्वाद दें।
इसी तरह 21 दिन करें:
रोज यही प्रक्रिया दोहराएँ:
· 2 माला मंत्र जाप
· 1 हल्दी गांठ अर्पित
· पीली मिठाई का भोग
· पीले फूल चढ़ाना (रोज नए फूल)
21वें दिन के बाद:
21 दिन की साधना पूरी होने पर, सभी 21 हल्दी की गांठों को इकट्ठा करें। उन्हें किसी बहते पानी (नदी, समुद्र) में प्रवाहित कर दें। ना मिले तो. पीपल के पेड़ पर रख आये पीले कपडे मे बाँधकर
प्रवाहित करते समय यह प्रार्थना करें:
"हे माँ गंगे! हे माँ पार्वती! ये हल्दी की गांठें आपको अर्पित हैं। मेरी मनोकामना पूर्ण करें। मुझे शीघ्र ही योग्य वर/वधू का साथ मिले।"
कब करें यह साधना?
· समय: सुबह का समय सबसे उत्तम
· दिन: कोई भी दिन शुरू कर सकते हैं, लेकिन सोमवार, शुक्रवार विशेष फलदायी
· नवरात्रि में यह साधना करना सबसे शक्तिशाली होता है
विशेष सुझाव:
पीले वस्त्र पहनें पूरे 21 दिन (हो सके तो)
पीला आसन का ही प्रयोग करें
सात्विक भोजन करें, प्याज-लहसुन का त्याग करें
ब्रह्मचर्य का पालन करें
सोमवार और शुक्रवार का विशेष महत्व है, इन दिनों और भी श्रद्धा से करें
क्या न करें:
साधना के दिनों में नॉन-वेज न खाएँ
प्याज-लहसुन से परहेज करें
किसी से झगड़ा न करें
नकारात्मक विचार न लाएँ
बीच में साधना न छोड़ें
दोस्तों, इस साधना को करते समय थोड़ा सा होश रखिए। देखिए कि कैसे आपके मन का डर दूर हो रहा है, कैसे आत्मविश्वास बढ़ रहा है। मंत्र जाप करते समय महसूस करें कि माँ पार्वती आपके सामने बैठी हैं, आपकी सुन रही हैं। बस देखते रहिए। साक्षी बने रहिए। जब साक्षी भाव आएगा, तो यह साधना और भी गहरा असर दिखाएगी।
21 दिन की इस साधना के बाद आप खुद महसूस करेंगे कि जीवन में सकारात्मकता आ गई, विवाह की बाधाएँ दूर हो गईं और माँ की कृपा बरसने लगी।
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