रामायण की चौपाई से मिली बंधे हुए पितृ को मुक्ति
रियल स्टोरी
दोस्तों, आज मैं आपको एक ऐसी रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ जिसे सुनकर आपको रामायण की चौपाइयों की शक्ति पर विश्वास हो जाएगा। यह कहानी है हमारे फॉलोअर अमन शर्मा की, जो गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
🌑 कैसे शुरू हुई समस्या?
अमन बताते हैं कि उनके परिवार में पिछले 10 सालों से लगातार परेशानियाँ चल रही थीं।
व्यापार में घाटा, परिवार में कलह, संतान सुख में बाधा, नौकरी में तरक्की न होना... हर तरफ से घेराव था।
कई ज्योतिषियों को दिखाया, कई उपाय किए, कई बाबाओं के चक्कर लगाए। कोई फायदा नहीं हुआ।
कुछ लोग कहने लगे कि आपके यहाँ कोई बहुत बड़ा तांत्रिक प्रभाव है। कोई बहुत बड़ी बाधा है।
अमन परिवार समेत बहुत परेशान हो चुके थे। पूरा जीवन अंधकारमय हो गया था।
कभी सोचा नहीं था कि जीवन में ऐसे दिन भी देखने होंगे। घर में लड़ाई-झगड़े रोज के हो गए थे।
बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा था। अमन का व्यापार ठप्प पड़ गया था।
लाखों का कर्ज हो गया था। ससुराल वालों से भी अनबन हो गई थी। जिंदगी नरक बन चुकी थी।
🕯️ कैसे मिला सच का पता?
एक दिन अमन जी अपने एक मित्र के साथ बैठे थे। बातों-बातों में उन्होंने अपनी परेशानी बताई।
उनके मित्र ने कहा - "एक बार किसी सच्चे संत से मिलकर देखो।"
अमन जी काशी गए। वहाँ एक संत से मिले। संत ने उनकी कुंडली देखी और बोले -
"बेटा, तुम पर कोई तांत्रिक प्रभाव नहीं है। कोई श्राप नहीं है। कोई ग्रह दोष नहीं है।"
"एक और चीज है - पितृ बंधन। तुम्हारे पितर बंधे हुए हैं। इसलिए वे तुम्हारी सहायता नहीं कर पा रहे।"
अमन जी ने पूछा - "ये पितृ बंधन क्या होता है?"
संत ने समझाया - "पितर बंधन का मतलब है कि तुम्हारे पितर किसी तांत्रिक क्रिया से बंधन में डाल दिए गए हैं।"
"वे तुम्हारे घर में प्रवेश नहीं कर पा रहे। वे तुम्हारी रक्षा नहीं कर पा रहे।"
"इसलिए तुम्हारे जीवन में लगातार बाधाएं आ रही हैं।"
अमन जी चौंक गए। उन्होंने पूछा - "इसका उपाय क्या है?"
संत ने कहा - "इसका उपाय सिर्फ रामायण की चौपाइयों में है।"
📿 वह शक्तिशाली चौपाई जिसने बंधन काटा
संत ने अमन जी को दो अद्भुत चौपाइयाँ बताईं -
पहली चौपाई:
"जासु नाम जपि सुनहु भवानी। भव बंधन काटहिं नर ग्यानी॥"
अर्थ - हे भवानी! जिस (राम) के नाम का जप करके ज्ञानी पुरुष इस संसार के बंधनों को काट देते हैं।
दूसरी चौपाई:
"तासु दूत कि बंध तरु आवा। प्रभु कारज लगि कपिहिं बँधावा॥"
अर्थ - उसी प्रभु के दूत (हनुमान) को क्या कोई बांध सकता है? पर प्रभु के कार्य के लिए उन्होंने खुद को बंधवा लिया।
संत ने समझाया - "ये दो चौपाइयाँ बहुत शक्तिशाली हैं। पहली चौपाई बताती है कि राम नाम में हर बंधन काटने की शक्ति है।"
"दूसरी चौपाई बताती है कि हनुमान जी को भी जब प्रभु के कार्य के लिए बंधना पड़ा, तो वे बंध गए।"
"लेकिन वह बंधन भी उनकी मर्जी से था। असली में कोई उन्हें बांध नहीं सकता।"
"इसी तरह तुम्हारे पितर भले ही बंधे हों, लेकिन राम नाम की शक्ति से वे मुक्त हो सकते हैं।"
🚩 रामायण की चौपाई ने बदल दी जिंदगी
संत ने अमन जी को सरल उपाय बताया -
"रोज सुबह स्नान करके, स्वच्छ वस्त्र पहनकर, उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठो।"
"हनुमान जी का ध्यान करो। फिर इन दोनों चौपाइयों का 108 बार जाप करो।"
"पीले आसन पर बैठो। पीले फूल चढ़ाओ। तिल के तेल का दीपक जलाओ।"
"21 दिन लगातार यह जाप करो। 21 दिन बाद किसी गरीब ब्राह्मण को पीले वस्त्र दान करो।"
अमन जी ने पूरा विश्वास और श्रद्धा से यह उपाय किया।
🌟 क्या हुआ 21 दिन बाद?
अमन जी बताते हैं - "पहले 5-6 दिन कुछ खास असर नहीं लगा। मन में संशय होने लगा।"
"लेकिन 7वें दिन से अजीब सी शांति महसूस होने लगी। घर का माहौल थोड़ा सुधरने लगा।"
"10वें दिन मुझे सपना आया। सपने में मेरे दादा जी मुझसे बोले - बेटा, हम आजाद हो गए।"
"उन्होंने कहा - जासु नाम जपि सुनहु भवानी... इस चौपाई ने हमारे बंधन काट दिए।"
"मैं चौंक कर उठ गया। उस दिन से लगा जैसे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो गई।"
"21 दिन बाद जैसे मानो घर में नई रोशनी आ गई। व्यापार ठीक होने लगा।"
"घर का कलह खत्म हो गया। आज मैं शांति से हूँ। रामायण की चौपाई ने मेरी जिंदगी बदल दी।"
🙏 अमन जी की सलाह
अमन जी कहते हैं - "जिन्हें भी लगता है कि जीवन में कोई बाधा है, कोई रुकावट है, कोई बंधन है - वे इन चौपाइयों का जाप जरूर करें।"
"पितर बंधन हो या कोई और बंधन - रामायण की चौपाई में वो शक्ति है जो हर बंधन को काट सकती है।"
"जासु नाम जपि सुनहु भवानी... यह चौपाई सिद्ध है। इसे अपनाकर देखो।"
"सिर्फ विश्वास चाहिए। राम का नाम ही सबसे बड़ा तंत्र है। सबसे बड़ा यंत्र है। सबसे बड़ा मंत्र है।"
🔥 अगले भाग में जानेंगे -
पितृ बंधन मुक्ति की संपूर्ण साधना विधि
✅ इन चौपाइयों का जाप कैसे करें
✅ कितने दिन करना है जाप
✅ किस दिन से शुरू करें
✅ कौन सी सामग्री चाहिए
✅ कैसे करें हवन
✅ क्या खास सावधानियाँ हैं
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