कार्तवीर्य स्तोत्र
ॐ कार्तवीर्य खलद्वेषी कृतवीर्यसुतो बली ।
सहस्त्रबाहुः शत्रुघ्नो रक्तवासा धनुर्धरः ॥ १ ॥
रक्तगंधो रक्तमाल्यो राजा स्मर्तुरभीष्टदः ।
द्वादशैतानि नामानि कार्तवीर्यस्य यः पठेत ॥ २ ॥
सम्पदस्तस्य जायन्ते जनास्तस्य वशंगताः ।
आनयत्याशु दूरस्थं क्षेमलाभयुतं प्रियं ॥ ३ ॥
कार्तवीर्योर्जुनो नाम राजा बाहुसहस्त्रभृत ।
तस्य स्मरणमात्रेण हृतं नष्टं च लभ्यते ॥ ४ ॥
कार्तवीर्य महाबाहो सर्वदुष्टनिबर्हण ।
सर्व रक्षा सदा तिष्ठ दुष्टान्नाशय पाहि माम् ॥
कितने पाठ करें – पूरी जानकारी
साधना पाठ संख्या कितने दिन कब करें
पूर्ण साधना 16,000 पाठ जितने दिन में हो
साधना विधि – स्टेप बाय स्टेप
पहला कदम – संकल्प
हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर बोलें –
"मैं (अपना नाम) संकल्प लेता हूँ कि मैं (41/21/ जितने दिन) तक प्रतिदिन (51/21/ जितने पाठ) कार्तवीर्य स्तोत्र का पाठ करूंगा। मेरा फँसा हुआ धन (राशि बोलें) जो (व्यक्ति का नाम) के पास है, वह शीघ्र वापस मिले। हे कार्तवीर्य महाराज मुझे आशीर्वाद दें।"
* दूसरा कदम – समय
* तीसरा कदम – स्थान
* चौथा कदम – सामग्री
सामग्री आवश्यकता
लाल वस्त्र अनिवार्य (पुरुष लाल धोती या कुर्ता, महिला लाल साड़ी या सूट)
लाल आसन अनिवार्य (लाल चटाई या लाल वस्त्र बिछाएँ)
लाल फूल गुड़हल या गुलाब (शिवलिंग पर चढ़ाएँ)
लाल मिठाई जलेबी, लाल बूंदी, गुलाब जामुन
लाल चंदन यदि उपलब्ध हो
सिंदूर शिवलिंग पर लगाने के लिए
पाँचवाँ कदम – विधि
1. स्नान करें, लाल वस्त्र पहनें।
2. शिव मंदिर जाएँ (यदि संभव न हो तो घर में शिवलिंग स्थापित करें)।
3. शिवलिंग पर जल, दूध, सिंदूर, लाल फूल चढ़ाएँ।
4. लाल आसन पर बैठें।
5. लाल मिठाई (जलेबी) का भोग लगाएँ।
6. पूरे स्तोत्र का निर्धारित संख्या में पाठ करें।
7. पाठ के बाद प्रार्थना करें – "हे कार्तवीर्य महाराज, मेरा फँसा हुआ धन शीघ्र वापस दिलवाएँ।"
8. मिठाई प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
सफलता के संकेत
✦ सपने में शिवलिंग या लाल रंग दिखना
✦ अचानक उस व्यक्ति का संपर्क आना
✦ किसी और के माध्यम से बात बनना
✦ साधना के बीच में ही पैसा वापस आना
✦ मन में अचानक सही निर्णय आना
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