Tuesday, March 10, 2026

गणपति वीर शाबर मंत्र

 गणपति वीर शाबर मंत्र


ॐ गनपत वीर, भूखे मसान,
जो फल माँगूँ, सो फल आन।
गनपत देखे, गनपत के छत्र से बादशाह डरे।
राजा के मुख से प्रजा डरे, हाथा चढ़े सिन्दूर।
औलिया गौरी का पूत गनेश, गुग्गुल की धरुँ ढेरी,
रिद्धि-सिद्धि गनपत धनेरी।.......
आगे पूरा मंत्र सात्विक भक्त के लिए गुप्त रखा हे।



सावधानी
शाबर मंत्र लोकपरंपरा के शक्तिशाली मंत्र होते हैं। इन्हें श्रद्धा, संयम और शुद्ध भाव से ही जपना चाहिए।
किसी को हानि पहुँचाने या गलत उद्देश्य से प्रयोग करना तांत्रिक नियमों के विरुद्ध माना गया है।

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